कविता कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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में और मेरे अहसास - 157 By Dr Darshita Babubhai Shah

किधर जा रहे हो l सुकून पा रहे हो ll   किसकी याद मे l गीत गा रहे हो ll   पहली नजर में ही l दिल को भा रहे हो ll   सीतल नशीली प्यारी l फिजाएं ला रहे हो ll   फूलों...

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माहि रखा क्या है By Dr Mahendra pawar

" तुम फूल हो भूल गये हो क्या    महको हवाओं को महसूस करो   किसी प्रेमी के हाथों में टूट जाओ   या नफरत के पैरों से कुचल जाओ   या भगवान केलिए माला बन जाओ   आखिरी एक दिन बिखर ही जाना ह...

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दो शिखर कवि , दो भिन्न दिशाएँ By Vivek Ranjan Shrivastava

लेख हिंदी के दो शिखर कवि , दो भिन्न दिशाएँविवेक रंजन श्रीवास्तव आधुनिक हिंदी कविता के विराट परिदृश्य में नागार्जुन और मुक्तिबोध दो ऐसे शिखर हैं, जिन्होंने कविता को सामाजिक सरोकार औ...

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सावन के गीत By Vandna Sharma

आया जन्मदिन आया,  सबने लड्डू खाया  नंद लाला का जन्मदिन आया  झूम रही है मथुरा, झूम रहा वृंदावन  गा रही है गोकुल नगरी  बरसाना नृत्य करे होकर मगन  मेरे कान्हा का जन्मदिन आया  मुरलीवाल...

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कृषि शायरी बुक By Shivam Varshney

Welcome all Shayri's Shivam Varshney                  इकतरफा मोहब्बत का इजहार             कुछ शायरी के अंदाज़ मै और कुछ दर्द आज भी तेरी हर बात कानों में घुसती हैआज भी तेरी हर मु...

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शब्द और सत्य - भाग 15 By Shivraj Bhokare

43.मैं एक कुत्ता हूँ, इंसान नहीं.सुनो ओ दो पैरों वाले,तुम क्यों खुद को श्रेष्ठ बताते हो?अहंकार की भारी गठरी लेकर,दिन-रात व्यर्थ मंडराते हो। हाँ, मैं एक कुत्ता हूँ, इंसान नहीं,तुम्ह...

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मन के भीतर (कुछ सूक्ष्म पल…) By Shilpy Aggarwal

लेखक की कलम से…कहानियाँ सहज ही मन से जुड़ जाया करती हैं। पढ़ते-पढ़ते किरदार अपने से लगने लगते हैं। मगर कविताएँ पहली नज़र में अपने रहस्य नहीं खोलती। वो पाठक से ठहराव माँगती है। धीरे...

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तेरा एहसास By Himani Dave

कि गुजरते हुए हर लम्हे मुझे फुरसत के लगते हैं यादों के सुनहरे धागे मुझे तेरे संग ओर खूबसूरत लगते हैं रुकी सी मेरी जिंदगानी के पल मुझे तेरे आने से ओर भी खुशनसीब लगते हैं , हवाओं का...

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कविताओं का संग्रह- भाग 3 By prachi Gurjar

                कविताओं का संग्रह : भाग 3                                                      लेखिका                               प्राची गुर्जर लेखिका की ओर सेकुछ भाव कहे नहीं जा...

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पत्नी क्यों पराई By Vandna Sharma

सूना-सूना घर का आँगन  सूना-सूना घर का आँगन  कर रही कबसे इंतजार  चौबारे पर बैठी माँ  आयेगा मेरा बेटा  भर लेगा बाँहों में  पूछेगा कैसी हो माँ  राह निहारे बूढ़ी माँ  सोच रही कैसे रहता...

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मानसून नाराज है By Vandna Sharma

एक बूंद बादलों की गोद में बैठी सोच रही थी। नीचे कितनी गर्मी है, अगर मैं बाहर गई तो गर्मी में भाप बन जाऊंगी। मनुष्य कितना स्वार्थी हो गया है। जंगल काटकर शहर बसाए जा रहा है। ओजोन लेय...

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कर लो बात By Vandna Sharma

मन की बात और सुनो'मैं सड़क हूँ' ने कहा था - "मैं सबकी हूँ, पर मेरी कोई नहीं।"  ठीक वैसे ही हास्य है।  हँसी सबकी है, पर हँसी की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता।  लोग कहते हैं - "अर...

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खिचड़ी की राम कथा By Vandna Sharma

काव्य संग्रह : 'खिचड़ी' की राम कथा खिचड़ी केवल भोजन नहीं, संस्कृति है। यूपी की मिट्टी की सौंधी खुशबू है। अमीर-गरीब, बच्चे-बूढ़े, स्वस्थ-बीमार - सबको भाने वाली। झट से बनने व...

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चारपाई की व्यथा By Vandna Sharma

नया काव्य संग्रह -चरपाई की व्यथा *- डॉ वंदना शर्मा*कविता लिखना मेरे लिए शब्दों का खेल नहीं, एक जिम्मेदारी है। आज जब मैं चारों ओर देखती हूँ तो पाती हूँ कि हम बहुत तेजी से भाग रहे है...

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My Shayari Book - 3 By Roshan baiplawat

कहानी 1धीरे-धीरे दूर होती है......सब कुछ ठीक चल रहा था…कम से कम मुझे तो यही लगता था।हम दोनों के बीच बातें होती थीं, हँसी होती थी, और एक अजीब सा सुकून था… जैसे सब कुछ सही दिशा में ज...

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सबसे मुश्किल सवाल-काव्य संग्रह By Vandna Sharma

जय महाकाल मैं मानती हूँ कि कविता का धर्म सिर्फ सौंदर्य रचना नहीं है। उसका काम है दीवार पर उँगली रखकर पूछना - "यहाँ दरार क्यों है?" उसका काम है उस अँधेरे को नाम देना जिससे हम सब आँख...

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लॉक डाउन की डायरी By Vandna Sharma

© डॉ वंदना शर्मा, 2026  प्रथम संस्करण: 2026सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी अंश लेखिका की लिखित अनुमति के बिना किसी भी रूप में पुनरुत्पादित नहीं किया जा सकता।  *प्रस्तावना:...

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मोन से महाकाल तक By Vandna Sharma

काव्य संग्रह: मौन से महाकाल तक*  *डॉ वंदना शर्मा**समर्पण*  मेरे मम्मी पापा जी और मेरे बेटे श्रीश को,  जिनके सहयोग और अच्छे संस्कारों से मैं आज यहां तक पहुंची।  *अनुक्रम*  1. वो बचप...

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मैं ऐसी क्यों हूं By Vandna Sharma

===========================वो बचपन बहुत याद आता है वो मस्ती भरे दिनवो पी...

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सम्हार By Rupal Jadav

Dedicated To All The Brave & Bold Souls Out There .... - Rupall Jadav                           1. सम्हार   बिना किसी हथियार के भी हुखुद में ही में सम्पूर्ण शस्त्रागारआंखों से ही...

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ज्योति By Rupal Jadav

This Gazal Album Dedicated To Someone Who Truly Deserve My Admiration And Love .Happy Birthday To You And I Hope You Love Your Suprise And I Fulfilled My Promise That One Day Peop...

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कोई तन्हाई की आदत को कैसे तो बदल डाले By sushil yadav

280 3-4-25 KHafef musaddas maKHbuun mahzuuf maqtuu.a faa'ilaatun mufaa'ilun fe'lun 2122 1212 22 क्या हैं क्या तो  दिखाना पड़ता है खुद को कितना सजाना पड़ता है # कौन खुदगर्ज को बताए ये...

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कितना अकेला है आदमी By sushil yadav

261   Jamiil musamman saalim mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun 12 122  12122  12122  12122 हमे ज़माना  नहीं  करे याद तो कोई बात  ख़ास होगी मगर उसे आदमी की पहच...

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साए से अलग होके By sushil yadav

241.. 28.2.25 Ramal musamman maKHbuun mahzuuf maqtuu.a faa'ilaatun fa'ilaatun fa'ilaatun fe'lun   2122 1122 1122 22 ज़िंदगी में कभी क्या सोचा हुआ होता है यार, हर हाल पुराना ही नया...

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में और मेरे अहसास - 157 By Dr Darshita Babubhai Shah

किधर जा रहे हो l सुकून पा रहे हो ll   किसकी याद मे l गीत गा रहे हो ll   पहली नजर में ही l दिल को भा रहे हो ll   सीतल नशीली प्यारी l फिजाएं ला रहे हो ll   फूलों...

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माहि रखा क्या है By Dr Mahendra pawar

" तुम फूल हो भूल गये हो क्या    महको हवाओं को महसूस करो   किसी प्रेमी के हाथों में टूट जाओ   या नफरत के पैरों से कुचल जाओ   या भगवान केलिए माला बन जाओ   आखिरी एक दिन बिखर ही जाना ह...

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दो शिखर कवि , दो भिन्न दिशाएँ By Vivek Ranjan Shrivastava

लेख हिंदी के दो शिखर कवि , दो भिन्न दिशाएँविवेक रंजन श्रीवास्तव आधुनिक हिंदी कविता के विराट परिदृश्य में नागार्जुन और मुक्तिबोध दो ऐसे शिखर हैं, जिन्होंने कविता को सामाजिक सरोकार औ...

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सावन के गीत By Vandna Sharma

आया जन्मदिन आया,  सबने लड्डू खाया  नंद लाला का जन्मदिन आया  झूम रही है मथुरा, झूम रहा वृंदावन  गा रही है गोकुल नगरी  बरसाना नृत्य करे होकर मगन  मेरे कान्हा का जन्मदिन आया  मुरलीवाल...

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कृषि शायरी बुक By Shivam Varshney

Welcome all Shayri's Shivam Varshney                  इकतरफा मोहब्बत का इजहार             कुछ शायरी के अंदाज़ मै और कुछ दर्द आज भी तेरी हर बात कानों में घुसती हैआज भी तेरी हर मु...

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शब्द और सत्य - भाग 15 By Shivraj Bhokare

43.मैं एक कुत्ता हूँ, इंसान नहीं.सुनो ओ दो पैरों वाले,तुम क्यों खुद को श्रेष्ठ बताते हो?अहंकार की भारी गठरी लेकर,दिन-रात व्यर्थ मंडराते हो। हाँ, मैं एक कुत्ता हूँ, इंसान नहीं,तुम्ह...

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मन के भीतर (कुछ सूक्ष्म पल…) By Shilpy Aggarwal

लेखक की कलम से…कहानियाँ सहज ही मन से जुड़ जाया करती हैं। पढ़ते-पढ़ते किरदार अपने से लगने लगते हैं। मगर कविताएँ पहली नज़र में अपने रहस्य नहीं खोलती। वो पाठक से ठहराव माँगती है। धीरे...

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तेरा एहसास By Himani Dave

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कविताओं का संग्रह- भाग 3 By prachi Gurjar

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खिचड़ी की राम कथा By Vandna Sharma

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सबसे मुश्किल सवाल-काव्य संग्रह By Vandna Sharma

जय महाकाल मैं मानती हूँ कि कविता का धर्म सिर्फ सौंदर्य रचना नहीं है। उसका काम है दीवार पर उँगली रखकर पूछना - "यहाँ दरार क्यों है?" उसका काम है उस अँधेरे को नाम देना जिससे हम सब आँख...

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लॉक डाउन की डायरी By Vandna Sharma

© डॉ वंदना शर्मा, 2026  प्रथम संस्करण: 2026सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी अंश लेखिका की लिखित अनुमति के बिना किसी भी रूप में पुनरुत्पादित नहीं किया जा सकता।  *प्रस्तावना:...

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सम्हार By Rupal Jadav

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280 3-4-25 KHafef musaddas maKHbuun mahzuuf maqtuu.a faa'ilaatun mufaa'ilun fe'lun 2122 1212 22 क्या हैं क्या तो  दिखाना पड़ता है खुद को कितना सजाना पड़ता है # कौन खुदगर्ज को बताए ये...

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कितना अकेला है आदमी By sushil yadav

261   Jamiil musamman saalim mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun mufaa'ilaatun 12 122  12122  12122  12122 हमे ज़माना  नहीं  करे याद तो कोई बात  ख़ास होगी मगर उसे आदमी की पहच...

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साए से अलग होके By sushil yadav

241.. 28.2.25 Ramal musamman maKHbuun mahzuuf maqtuu.a faa'ilaatun fa'ilaatun fa'ilaatun fe'lun   2122 1122 1122 22 ज़िंदगी में कभी क्या सोचा हुआ होता है यार, हर हाल पुराना ही नया...

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